दिया चिड़िया ने यह संदेश
दिया चिड़िया ने यह संदेश
प्रातः काल की बेला,
उर आनंद की रेखा,
हमने एक चिड़िया देखा।
चहक-चहक की मधुर ध्वनि,
महक रहा फूलों से वन,
इस डाल से उस डाल,
भटक रही भोजन की तलाश।
दिया। चिड़िया ने यह संदेश,
परिश्रम करना है उद्देश्य।।
चिड़ियों की रानी है कोयल,
मधुर गीत सुनाती है,
सबके मन के अंतर्गत,
अपने रंग बसंती दिया।
दिया चिड़िया ने यह संदेश,
मीठी बोली बोलना है उद्देश्य ।।
धरा से उठकर,
नभ को छूती,
नही हुआ उसको अभिमान,
पक्षी तो बेजुबान, इनको सबकी पहचान।
दिया चिड़िया ने यह संदेश,
परिश्रम करना है उद्देश्य।।
अभिषेक त्रिपाठी
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