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Showing posts from February, 2022

हिंदी उपन्यास का उदभव और विकास

  उपन्यास का अर्थ व परिभाषा-: उप- समीप ,न्याय- धरोहर शाब्दिक अर्थ-  मनुष्य के समीप उसकी भाषा में रखी हुई धरोहर।   उपन्यास की परिभाषा:- * श्यामसुंदर दास-" उपन्यास मनुष्यके वास्तविक जीवन                               की काल्पनिक कथा है।" * प्रेमचंद-  " उपन्यास मानव जीवन की समग्र कथा है       मानव चरित्र पर प्रकाश डालना और उसके राशियों को खोलना उपन्यास का मूल तत्व है ।" * जैनेंद्र-  " उपन्यास एक गद्यमय आख्यान है जिसमें          मानव के सुख एवं पीड़ा के वर्णन रहते हैं। पीड़ा में परमात्मा बसता है। मेरे उपन्यास आत्मपीड़न के साधन हैं।" हिंदी का प्रथम उपन्यास  उपन्यास विधा का आगमन अंग्रेजी से बंगला, बांग्ला से हिंदी मे हुआ। 1- परीक्षागुरु (1882) लाला श्रीनिवास दास।  (आचार्य शुक्ल, डॉ बच्चन ,डॉ नगेंद्र ,अज्ञेय।) हिन्दी उपन्यासो का विकास क्रम 1- पूर्व प्रेमचंद युग-  (1877-1918) 2-प्रेमचन्द युग- (1918-1936) 3-प्रेमचन्दोत्तर युग -...

भजन🙏🌼

  रघुपति राघव राजाराम,  पतित पावन सीताराम ॥ सुंदर विग्रह मेघश्याम,  गंगा तुलसी शालग्राम ॥ भद्रगिरीश्वर सीताराम,  भगत-जनप्रिय सीताराम ॥ जानकीरमणा सीताराम  जयजय राघव सीताराम ॥ रघुपति राघव राजाराम,  पतित पावन सीताराम ॥

छत्रपति शिवाजी महाराज🚩 जयन्ती

 हम सनातन धर्मि हैं, गौरव पूर्ण इतिहास हमारा।  तुम धर्म परिवर्तन वाले, अपने अब्बू से ना अझुराणा।  हिंदू से अझुराओगे, तो चूर हो जाओगे।  अगर हाथ काटोगे, तो अपना सिर भी गवादोंगे।  🚩🙏 जय भवानी🚩🙏 जय शिवजी आप सभी सनातन धर्म के लोगो को💐 शिवजी महाराज जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐💐 🚩🚩🚩🚩🌼🌼🌼🚩🚩🚩🚩        जय श्री राम🙏 

बालि किष्किंधा नरेश, वानरराज

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  वालि  (संस्कृत) या  बालि   रामायण  का एक पात्र है। वह  सुग्रीव  का बड़ा भाई था। वह  किष्किन्धा  का राजा था,  इन्द्र  का पुत्र बताया जाता है तथा बंदरों के रूप थे।  विष्णु  के अवतार  राम  ने उसका वध किया। हालाँकि रामायण की पुस्तक  किष्किन्धाकाण्ड  के ६७ अध्यायों में से अध्याय ५ से लेकर २६ तक ही वालि का वर्णन किया गया है, फिर भी रामायण में वालि की एक मुख्य भूमिका रही है, विशेषकर उसके वध को लेकर। जन्म बालि और सुग्रीव के जन्म को लेकर एक रोचक प्रसंग मौजूद है। ऐसा कहा जाता है कि बालि इन्द्र और अरुण का पुत्र था। इन्द्र  देवताओं  के राजा थे और अरुण  सूर्यनारायण  के सारथी। ऐसी मान्यता है कि सूर्य रोज़ सात सफ़ेद घोड़ों के रथ में सुबह आते हैं जिसका संचालन अरुण करता है। एक बार की बात है कि किसी ॠषि ने सूर्य को यह शाप दे दिया कि वह पृथ्वी के ऊपर प्रकाशमान नहीं होंगे। क्योंकि सूर्यनारायण ने इसके पश्चात् रथ की सवारी बन्द कर दी अतः अरूण के पास कोई काम नहीं रहा। अरुण की पहले से ही  स्वर्ग लोक ...

श्री रावण 🚩🌼🌼

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  प्रमुख हिन्दू ग्रंथ रामायण का एक महाज्ञानी, वैज्ञानिक व महापंडित, ग्रंथ का एक केंद्रीय पात्र रावण   रामायण  का एक प्रमुख प्रतिचरित्र है। रावण  लंका  का राजा था [1] । वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था, जिसके कारण उसका नाम  दशानन  (दश = दस + आनन = मुख) भी था परंतु आदिवासी सभ्यता के अनुसार रावण मतलब राजा। किसी भी कृति के लिये नायक के साथ ही सशक्त खलनायक का होना अति आवश्यक है। किंचित मान्यतानुसार रावण में अनेक गुण भी थे। सारस्वत ब्राह्मण पुलस्त्य  ऋषि  [2]  का पौत्र और  विश्रवा  का पुत्र रावण एक परम  भगवान शिव  भक्त, उद्भट राजनीतिज्ञ, महाप्रतापी, महापराक्रमी योद्धा, अत्यन्त बलशाली, शास्त्रों का प्रखर ज्ञाता, प्रकान्ड विद्वान, पंडित एवं महाज्ञानी था। रावण के शासन काल में  लंका  का वैभव अपने चरम पर था और उसने अपना महल पूरी तरह स्वर्ण रजित बनाया था, इसलिये उसकी लंकानगरी को सोने की लंका अथवा सोने की नगरी भी कहा जाता है। रावण का विवाह मंदोदरी से हुआ । मान्यता है कि मंदोदरी का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले में...