रिसर्च मेथोडोलॉजी, जैसा कि इसके नाम का सुझाव है, विधियों का अध्ययन है, ताकि शोध समस्या को हल किया जा सके। यह सीखने का विज्ञान है जिस तरह से अनुसंधान को व्यवस्थित रूप से किया जाना चाहिए। यह अनुसंधान की धारा में लागू विधियों के कठोर विश्लेषण को संदर्भित करता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निकाले गए निष्कर्ष मान्य, विश्वसनीय और विश्वसनीय हैं। * शोधकर्ता विभिन्न चरणों का अवलोकन करता है जो अध्ययन के दौरान शोधकर्ता द्वारा नियोजित विधियों के पीछे तर्क के साथ-साथ समस्या को समझने में उसके द्वारा चुने गए हैं। यह किसी विशेष विधि या तकनीक का उपयोग करने का कारण भी स्पष्ट करता है, न कि अन्य, ताकि प्राप्त किए गए परिणामों का मूल्यांकन स्वयं या किसी अन्य पक्ष द्वारा किया जा सके। * शोध पद्धति और कुछ नहीं, बल्कि व्यवहार तकनीक का चयन और निर्माण में नियोजित व्यवहार या उपकरण है। इसके विपरीत, शोध पद्धति का अर्थ है विश्लेषण का विज्ञान, जिस तरीके से अनुसंधान उचित तरीके से आयोजित किया जाता है। अनुसंधान पद्धति का संबंध प्रयोग, परीक्षण, सर्वेक्षण, साक्षात्कार इत्यादि से है। इसके...
डॉ नगेंद्र भारत के प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार थे। आधुनिक हिंदी की आलोचना को समृद्ध करने में डॉक्टर नगेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वह काव्यशास्त्र के प्रकांड विद्वान माने जाते थे। उनके निबंधों में वैचारिक और जाति के साथ-साथ उनका व्यक्तित्व भी अभिव्यक्ति पा गया है। उनके निबंधों में एक संहिता तथा भाव निबंधकार के गुण भली-भांति लक्षित होते हैं। इसका यह कारण यह है कि नगेंद्र जी का हिंदी साहित्य के क्षेत्र में प्रवेश एक कवि के रूप में हुआ था। उनकी प्रतिभा का विकास मूलत आलोचनात्मक निबंधकार के रूप में यही हुआ है। हिंदी के पंक्ति आलोचक के रूप में नगेंद्र विशेष यशस्वी रहे हैं। नए शब्दों के निर्माण की दृष्टि से डॉ नगेंद्र का अवदान सर्वोपरि माना है। महेंद्र जी सामान्यता गंभीर चिंतन प्रधान। निबंधकार के रूप में माने जाते हैं। साहित्यिक आलोचनात्मक निबंध लेखन के आधार पर उन्होंने साहित्य की प्रमुख सेवाएं की है। उनके निबंधों में विचार गंभीर, चिंतन की मौलिकता तथा शैली की रोचकता का सहज संबंध में लक्षित होता है। डॉक्टर नगेंद्र की निबंध लेखन की शैली में भाव एवं विचारों की अभिव्यक्ति प्रदान कर...
( 1 ) चांद की रोशनी का दीदार हुआ, तेरे चेहरे का पैगाम हुआ। यू रुक ! हमें ना जलाना तुम, ये दिल पहिले ही तेरे नाम हुआ।। ( 2 ) तुझसे बिछड़ कर, यू आधा सा हो गया हूं। दिल में दर्द ज्यादा ,तेरे सपनों में खो गया हूं। अब कट रही है जिंदगी, अंबर की तरह। तू बारिश बनकर, मिलने आएगी । तेरा इंतजार, कर रहा हूं समंदर की तरह।। (3) आधी है अधूरी, कहानी करदो न पूरी। तू मुझसे मिलने आओ, खतम हो जाए दूरी।। (4) रात है अंधेरी, ख्वाब है सुहानी। अभी सोने जा रहा हूं ,कल मिलना मुझसे रानी।। (5) जलती समा को बुझाओ मत, दिल मे राज छुपाओ मत । जो कहना है , आकर कहो मुझसे सीधे। यू छत पर बैठ , मुस्कुराओ मत।। (6) हम मोहताज नहीं किसी मंजर के, क्योंकि हमने गोते लगाए हैं समुन्दर में।। (7) इ शायरी✍️ हमरे जान के खातिर बा, कि लाल रंग तरबूज 🍉 होला अंडा 🥚 फुटे ला त चूजा🐥होला यह चांद 🌙 से भी खूबसूरत हमार जान😘 बाटी , उनके सिवा हमरा ला कोई दूजा ना होला... Love you darling 💖😘💋💋💋 🥰😘 (8) गैरों की बातें सुन कर, अपनों से बहस नहीं किया करते हैं...!! तुम जान हो इस दिल कि, प्यार से प्यार को समझो अपने भता...
Comments
Post a Comment