याद करो अमर शहीदों के बलिदान

हे प्रेम सुपुत्र धीर-वीर ,

जिन्होंने सुनी कविता मेरी। 

शांत  सुदृढ़ नित्य कर्म हमारा,

रहे सदा समृद्ध जग हमारा। 

इस पावन धरा पर उनका स्वागत ,

जिन्होंने सुनी कविता मेरी।। 


स्वराज के उन प्रेमियों को ,

करता हूँ मैं  शत नमन । 

शिवाजी, भगत, चंद्रशेखर ,

एक बार फिर आपको नमन।  


धरती माता के वीर सुपुत्र , 

नहीं कोई है दूजा पुत्र । 

यहा के अश्व चेतक है भी वीर ,

जिनके कदमों से उड़े धूर।। 


महाराणा जी ने किया त्याग , 

आज करो तुम उन्हे याद । 

स्वामी विवेकानंद का ज्ञान ,

आज करो तुम  याद ।। 


याद करो अमर शहीदों के बलिदान ,

याद करो अमर शहीदों के बलिदान ,

क्योंकि उन्होंने सुनी कविता मेरी ।। 




                                     ✍️

                      Pen Star Dev Babu 👑 ❣️ 


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