Motivational pankti
प्राचीन काल की पंक्ति:-
आपन सोचल ना हुये, हरि सोचल तत्काल ।
बलि चाहे बैंकुण्ठ को, भेज दिये पाताल ॥
Abhishek Tripathi (Dev Babu)
दोहा:-
कर्म करते जुग मुआ,मिटा न भाग का लेख।
कर्म मे शक्ति इतना,कि दर्शन दिये सुरेश ॥
अर्थ:- महाराजा बलि जी ने कर्त्तव्य करते रहे, परन्तु उनके भाग्य में पाताल में राज्य करने का योग्य था,जो बदला नही। लेकिन उनके कर्तव्य में इतनी शक्ति थी भगवान श्रीविष्णु को दर्शन देने के लिए पाताल आना पड़ता हैं।
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