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हिन्दी का सम्मान करो

  उत्तर से दक्षिण तक , आर्यो का उत्थान करो।।  आओ मिलकर भाषा का सम्मान करो।। आओ मिलकर भाषा का सम्मान करो।। माना दक्षिण में, लोक भाषा का तुम विकास करो ।। माना उत्तर में, तुम लोक भाषा का विकास करो ।। परंतु भारत की एकता के खातिर हिन्दी का सम्मान करो।। हिन्दी का सम्मान करो।। मत भूलो हिन्दी भाषा , दक्षिण के हिंद सागर की पहचान है । उत्तर में हिमालय का हिम स्नान है।। उत्तर से पूरब , पश्चिम से दक्षिण तक जीने वालों सत्य को स्वीकार करो। हिन्दी का सम्मान करो।। हिन्दी का सम्मान करो।। माना अलग-अलग, भिन्न हो प्राणी, जंगल में । जंगल ही पहचान है।। माना  अलग-अलग , राज्य हो, इस भारत में। भारत ही पहचान है।। भारत ही स्वाभिमान है।। सत्य स्वीकार करो, भारत की एकता की खातिर , हिन्दी का सम्मान करो।। हिन्दी का सम्मान करो।। ✍️ Pen Star Dev Babu 👑 ❣️ 

Shivaji Maharaj jaynti 19 फरवरी1630

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      शिवाजी जयंती 19 फरवरी 1630  हम सनातन धर्म  वाले , गौरवपूर्ण इतिहास हमारा। तुम धर्म परिवर्तन वाले,अपने पिताजी से ना अझुराणा। सनातन से अझुराओगे, तो चूर-चूर हो जाओगे। अगर हाथ काटोगे, तो अपना सिर गंवाओगे।।          ✍️ अभिषेक त्रिपाठी (देव बाबू) की तरफ से  महाराज शिवाजी की जयंती पर शत-शत नमन 🙏💐💐🙏

Pen Star Dev Babu ki Biography

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Pen Star DevBabu) Height, Weight, Age, Wife, Affairs, Biography & More Pen Star Dev Babu 👑 ❣️  Bio Real Name Abhishek tripathi Nickname Dev Babu, Vijay , Abhi Profession Writer &Artist Physical Stats & More Height in centimeters-  175 cm in meters-  1.79 m in Feet Inches-   5'9" Weight in Kilograms-  70 kg in Pounds-  154 lbs Body Measurements - Chest: 40 Inches - Waist: 34 Inches - Biceps: 14 Inches Eye Colour Black Hair Colour Black Personal Life Date of Birth 30 December 1999 Age (as in 2021) 22 Years Birth Place Gorakhpur, Uttar Pradesh, Bharat  Zodiac sign/Sun sign Libra Nationality Bhartiya  Hometown Manikapur,Uttar pradesh, India School BKIC Bhagirathnagar, Maharajganj College BKIC Bhagirathnagar, Maharajganj Educational Qualifications Master of Art(Hindi)  Debut Family Father - Shivdatt Tripathi Mother - Vijay Laxmi Tripathi Brothers - Abhilash Tripathi (small Brother) Sisters -Anjali Tripathi (elder sister) Dharma V...

Motivational pankti

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प्राचीन काल की पंक्ति:-   आपन सोचल ना हुये, हरि सोचल तत्काल ।  बलि चाहे बैंकुण्ठ को, भेज दिये पाताल ॥ Abhishek Tripathi (Dev Babu) दोहा:- कर्म करते जुग मुआ,मिटा न भाग का लेख।  कर्म मे शक्ति इतना,कि दर्शन दिये सुरेश ॥ अर्थ:-   महाराजा बलि जी ने कर्त्तव्य करते रहे, परन्तु उनके भाग्य में पाताल में राज्य करने का योग्य था,जो बदला नही। लेकिन उनके कर्तव्य में इतनी शक्ति थी भगवान श्रीविष्णु को दर्शन देने के लिए पाताल आना पड़ता हैं।

Dev Babu ki shayri

( 1 ) चांद की रोशनी का दीदार हुआ, तेरे चेहरे का पैगाम हुआ। यू रुक ! हमें ना जलाना तुम, ये दिल पहिले ही तेरे नाम हुआ।। ( 2 ) तुझसे बिछड़ कर, यू आधा सा हो गया हूं। दिल में दर्द ज्यादा ,तेरे सपनों में खो गया हूं। अब कट रही है जिंदगी, अंबर की तरह। तू  बारिश बनकर, मिलने आएगी । तेरा इंतजार, कर रहा हूं समंदर की तरह।। (3) आधी है अधूरी, कहानी करदो न पूरी। तू मुझसे मिलने आओ, खतम हो जाए दूरी।। (4) रात है अंधेरी, ख्वाब है सुहानी। अभी सोने जा रहा हूं ,कल मिलना मुझसे रानी।। (5) जलती समा को बुझाओ मत, दिल मे राज छुपाओ मत । जो कहना है , आकर कहो मुझसे सीधे। यू छत पर बैठ , मुस्कुराओ मत।। (6) हम मोहताज नहीं किसी मंजर के, क्योंकि हमने गोते लगाए हैं समुन्दर में।। (7) इ शायरी✍️  हमरे जान के खातिर बा, कि लाल रंग तरबूज 🍉 होला  अंडा 🥚 फुटे ला त चूजा🐥होला  यह चांद 🌙 से भी खूबसूरत  हमार जान😘 बाटी , उनके सिवा हमरा ला कोई दूजा ना होला... Love you darling 💖😘💋💋💋 🥰😘 (8) गैरों की बातें सुन कर, अपनों से बहस नहीं किया करते हैं...!! तुम जान हो इस दिल कि, प्यार से प्यार को समझो अपने भता...

बिल्ला सेठ बिल्लू

बिल्ला सेठ बिल्लू,  कहावत सुनो मेरे उल्लू। पहाड़ा है पहाड़, तुम भी मिलकर, चूहा बनो आठ। धीरे धीरे तुम शुरू करो पाठ। जिससे अज्ञानता की गर्मी, हो जाए शांत।। जन्मजात न होई विद्वाना, संघर्ष से बनत महाना। जलकुंभी जैसी जल में आयी, बीतत समइया सरोवर छायी। विद्या रूप कार्य बहु तेरे, पढ़त उमरिया ज्ञान मेरे।। जन जीवन की यही कहानी, जितना पढ़बा उतना बड़ ज्ञानी।। जाति पाती का एके साजा, अनपढ़ बीच पढ़ाकू राजा। मानव प्रतिदिन सोच विचारी, कार्य करे कुछ नाही। सुंदर नारी भी श्रृंगारी, कार्य करे कुछ नाही।। व्यर्थ धरा पर आए हो, मिला नही जब तक उद्देश्य। कर्मो का यह फल है, जिसमे करते है प्रवेश।।                                      ✍️                       Pen Star Dev Babu 👑 ❣️ 

याद करो अमर शहीदों के बलिदान

हे प्रेम सुपुत्र धीर-वीर , जिन्होंने सुनी कविता मेरी।  शांत  सुदृढ़ नित्य कर्म हमारा, रहे सदा समृद्ध जग हमारा।  इस पावन धरा पर उनका स्वागत , जिन्होंने सुनी कविता मेरी।।  स्वराज के उन प्रेमियों को , करता हूँ मैं  शत नमन ।  शिवाजी, भगत, चंद्रशेखर , एक बार फिर आपको नमन।   धरती माता के वीर सुपुत्र ,  नहीं कोई है दूजा पुत्र ।  यहा के अश्व चेतक है भी वीर , जिनके कदमों से उड़े धूर।।  महाराणा जी ने किया त्याग ,  आज करो तुम उन्हे याद ।  स्वामी विवेकानंद का ज्ञान , आज करो तुम  याद ।।  याद करो अमर शहीदों के बलिदान , याद करो अमर शहीदों के बलिदान , क्योंकि उन्होंने सुनी कविता मेरी ।।                                         ✍️                        Pen Star Dev Babu 👑 ❣️